7.5.11

ब्लाग / टिप्पणी में हिन्दी लेखन - समस्या के समाधान का एक प्रयास...

         इसी ब्लाग की मेरी पूर्व पोस्ट क्या हिन्दी चिट्ठाकार अंग्रेजी में स्वयं को ज्यादा सहज महसूस कर रहे है ? की टिप्पणियों में चिट्ठाकार मित्रों की कम्प्यूटर पर आसान टाईपिंग की समस्या प्रमुखता से दिखी वहीं मोबाईल से पोस्ट पढकर व मोबाईल से ही टिप्पणी देने के कारण टिप्पणियों में कई मित्रो को अंग्रेजी का प्रयोग न चाहते हुए भी मजबूरी में करने की बाध्यता भी प्रमुखता से दिखी । कट/कापी-पेस्ट की प्रक्रिया में भी समय अधिक लगता है । कुछ और प्रतिक्रिया बारहा साफ्टवेअर से सम्बन्धित भी रहीं । यद्यपि बारहा साफ्टवेअर के प्रयोग से मुझे लगता है मैं अनभिज्ञ हूँ । किन्तु फिर भी कम्प्यूटर पर सबसे आसान तरीका जो हिन्दी लेखन का मुझे लगा उसे आप तक व्यवस्थित रुप से पहुँचाने का एक प्रयास इस पोस्ट के द्वारा मैं और कर रहा हूँ । यद्यपि मैं समझता हूँ कि बहुसंख्यक पाठक मित्रों के लिये ये जानकारी कोई नई नहीं होगी ।

          सबसे पहले हमारा कम्प्यूटर आपरेटिंग सिस्टम Window XP या इसके बाद के Window Vista या Window 7 होना आवश्यक है जो कि मुझे लगता है कि इस समय के बहुसंख्यक कम्प्यूटर Window XP बेस पर ही चल रहे हैं । इस सिस्टम में इन्टरनेट पर हिन्दी चलाने के लिये इस साफ्टवेअर में इनबिल्ट (इन्डिक आई एम ई) Iidic IME सिस्टम को इस Window XP की आपरेटिंग सीडी लगाकर सक्षम करना होता है जिसका तरीका इस लिंक के द्वारा आप बखूबी समझ सकते हैं- विण्डोज एक्सपी में इण्डिक सपोर्ट सक्षम करना (भाग-1) यहाँ प्रस्तुत ये जानकारी ई-पण्डित के श्री श्रीशजी के द्वारा बिल्कुल आसान विधि से बताई/समझाई गई है । इसी लिंक में  इस लेख के भाग-2 के साथ ही हिन्दी भाषा सक्षम नहीं वाले मोबाईल सेट को आप इन्टरनेट पर प्रसारित हिन्दी को आसानी से पढ सकने योग्य भी बना सकेंगे ।

          इस लिंक पर प्रस्तुत विधि के द्वारा जब आप अपने Window XP या इसके बाद के आपरेटिंग सिस्टम में इसे सक्षम कर चुके होंगे (यद्यपि Window-7 में तो यह सक्षम ही आता है) तो Alt + Shift Key's के द्वारा हिन्दी से इंग्लिश और इंग्लिश से हिन्दी पर आसानी से परिवर्तित होते रह सकेंगे ।

          इसके बाद आपके समक्ष समस्या आ सकती है की-बोर्ड के चुनाव की उसका समाधान कुछ इस तरह से देखें-

          प्रिन्टिंग विधा में सबसे लोकप्रिय साफ्टवेअर रहा है श्रीलिपि । और इसके साथ DTP आपरेटर प्रायः देवनागरी में Deo सीरिज टाइपिंग हेतु अपने कम्प्यूटर में रखते हैं । बहुत आसान की बोर्ड- हमारे सीधे हाथ की उंगलियों से अक्षर टाईप हो जाते हैं और उल्टे हाथ की उंगलियों के दायरे में सारा मात्राओं का सेक्शन चलता है । और यही आसान की बोर्ड जब आपके कम्प्यूटर से आप Indic IME को सक्षम कर लेते हैं तो इसी कीबोर्ड का विकल्प आपको इस साफ्टवेअर में भी न सिर्फ मिल जाता है बल्कि कीबोर्ड की मदद से कौनसी की कौनसा अक्षर बना रही है उसका फोटो प्रिंट भी आप उसी साफ्टवेअर में से कापी कर सदैव अपने डेस्कबोर्ड पर सामने रख सकते हैं । 

          इसके साथ ही प्रायः हमारे कम्प्यूटर में WordPad साफ्टवेयर भी इंस्टाल रहता ही है । इसके पेज को खोलकर हम इत्मिनान से अपने पोस्ट आर्टिकल इस पर बगैर इन्टरनेट आन किये टाईप कर लेते हैं और बाद में नेट आन कर अपने डेशबोर्ड से नया संदेश बनाएँ वाले पेज को खोलकर WordPad का सारा मैटर यहाँ कापी-पेस्ट कर लेते हैं । आप 60% अपना काम इस विधि से बगैर इन्टरनेट के पूरा कर सकेंगे ।

           मेरी इसी पिछली पोस्ट पर इस समस्या का एक समाधान भाई श्री अविनाश वाचस्पतिजी भी नुक्कड ब्लाग की http://www.nukkadh.com/2009/09/blog-post_22.html  इस लिंक पर दे गये हैं । आप एक नजर इस लिंक पर भी डाल सकते हैं । और जहाँ भी आपकी समस्या का जो सबसे आसान विकल्प आप समझें उसे अपना सकते हैं ।

          अब आखिर में बात मोबाईल से पोस्ट पढने की-  एक तरीका तो मैंने आपको बताया कि श्री श्रीशजी की उपर की लिंक में आपको इससे सम्बन्धित भी पूरी जानकारी मिल ही जाएगी किन्तु यदि मोबाईल में आपेरा मिनी साफ्टवेयर के संयोजन व सेटिंग में हिन्दी लेंग्वेज सक्षम हो तो आप न सिर्फ अपना पूरा ब्लाग डेशबोर्ड संचालन इस मोबाईल की मदद से करते रह सकते हैं बल्कि जब भी चाहें अपनी टिप्पणी भी हिन्दी में मोबाईल के द्वारा ही हर उस ब्लाग-पोस्ट में जिसे आप मोबाईल से पढ रहे हैं उस ब्लाग पर अपनी हिन्दी टिप्पणी भी आसानी से प्रेषित करते रह सकते हैं ।
 
          कुछ माह पूर्व मैंने नोकिया x2 माडल करीब 5,000/- रु. में खरीदकर उसमें ये समस्त सुविधाएँ देखकर इस पोस्ट में इसके बारे में अपने पाठक मित्रों को विस्तृत जानकारी दी थी । यही फोन अब तो लगभग 4,000/- में ही आता दिख रहा है, जबकि एक और नोकिया फोन के माडल की प्रशंसा न देन्यं न पलायनम ब्लाग के श्री प्रवीण पाण्डेयजी भी अपनी इस पोस्ट पर कर चुके हैं । लेकिन ये विकल्प आपके लिये तभी उपयोगी हैं जब आपको मोबाईल बदलने की आवश्यकता हो या आप नया मोबाईल खरीदना चाह रहे हों वर्ना तो आप अपने मोबाईल में सिर्फ पोस्ट पढने जितना कामचलाउ परिवर्तन करवाकर दूसरों के लिये अनाकर्षक व किसी सीमा तक पढने में असुविधाजनक रोमन लिपी में अंग्रेजी में टाईप की जाने वाली टिप्पणी से अपना काम चलाते रहना जारी रख ही सकते हैं ।

      एक निवेदन भी - कुछ अतिरिक्त व्यस्तताएँ मेरे लिये ऐसी चल रही हैं जिसके कारण मैं चाहकर भी अभी अधिक समय अपनी ब्लाग सक्रियता को फिलहाल नहीं दे पा रहा हूँ । इस कारण न सिर्फ मेरी ब्लाग पोस्ट देरी से आ रही है बल्कि आप जैसे मित्रों के ब्लाग पर मैं व्यवस्थित रुप से अभी आ भी नहीं पा रहा हूँ । कृपया इस अनियमितता के बाबत अगले 2-4 दिन और के लिये आप मुझे क्षमा कर सकेंगे यह निवेदन भी आपसे है । धन्यवाद सहित...


32 टिप्पणियाँ:

Kajal Kumar ने कहा…

अच्छी जानकारी दी है आपने.

सुज्ञ ने कहा…

अच्छी जानकारी

Swarajya karun ने कहा…

ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारी पर आधारित आलेख के लिए आभार.

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी ....आभार

Deepak Saini ने कहा…

ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारी

सतीश सक्सेना ने कहा…

बढ़िया जानकारी देने के लिए आभार सुशील भाई !

हिन्‍दी ब्‍लॉगर ने कहा…

इन सुविधाओं के साथ
बोलकर रास्‍ता बतलाने वाला
फोन
भी है कोई
सुशील जी यह भी बतलायें
तो मैं आज ही खरीद लाऊं।

इंतजार रहेगा
शायद कुछ पल व्‍यस्‍तता में से
मुझे भी मिल जाएं।

ajit gupta ने कहा…

अच्‍छी जानकारी है, लोग लाभान्वित होंगे। मैं तो आईएमई सेटअप से काम करती हूँ तो कोई कठिनाई नहीं होती।

संध्या शर्मा ने कहा…

उपयोगी जानकारी पर आधारित आलेख के लिए आभार....

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

अच्छी जानकारी हे ...धन्यवाद !एक हिंदी का विजेट भी लगा देते ..?

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

दर्शनकौरजी हिन्दी के कैसे विजेड को लगाने का सुझाव आप दे रही हैं । मैं समझ नहीं पाया । क्या वह मेरी इस पोस्ट के मकसद को आगे बढाने में भी सहायक है ? यदि संभव हो तो अवश्य बतावें...

Shah Nawaz ने कहा…

अरे वाह, मोबाइल पर हिंदी के प्रयोग पर बहुत बेहतरीन जानकारियाँ दी आपने... ई-पंडित जी का भी ब्लॉग देखा... बहुत-बहुत धन्यवाद!

Patali-The-Village ने कहा…

उपयोगी जानकारी पर आधारित आलेख|बहुत धन्यवाद|

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बड़ी काम की जानकारी।

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी..

अमित श्रीवास्तव ने कहा…

यह हुई ना बात ।
अब भी हिन्दी में नही लिखा तो खूब पड़ेगी डांट ।

संजय भास्कर ने कहा…

ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारी

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

श्रीमान जी, मैंने भी अपने ब्लॉग पर हिंदी लिखने वाला "विजेट" लगाया है. इससे काफी हिंदी प्रेमी और स्वंय मैं भी काफी लाभ प्राप्त हो रहा है. मुझे भी मेरी पोस्ट "आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें" पर श्री मयंक भारद्वाज ने सिखाया है. अगर आप भी चाहे तो आप भी लगा सकते हैं. मैं पहले अपने ब्लॉग की "डिज़ाईन" पर गया फिर एक नया "गजेट" में "जावास्क्रिप्ट" को चुनकर सबसे ऊपर वाली लाईन में "आईये! हम अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी में टिप्पणी लिखकर भारत माता की शान बढ़ाये" लिखा और नीचे निम्नलिखित कोड को पेस्ट करके "सेव" कर दिया. आप और बाकी हिंदी प्रेमी जिनको जानकारी नहीं है. वो भी इसका प्रयोग करें और हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान करें.
********************************************
आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

श्रीमान जी, माफ़ी चाहता हूँ कोड तकनीकी कारणों से यहाँ पेस्ट करने के बाद भी नहीं जा रहा हैं. अगर किसी ब्लॉगर को कोड चाहिए तो मैं ईमेल करा दिया करूँगा.
आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें

Sunil Kumar ने कहा…

जानकारी देने के लिए आभार , जब मोबाईल ३००० का होगा तो लेंगे

राज भाटिय़ा ने कहा…

एक बहुत उपयोगी ओर सुंदर जानकारी, धन्यवाद

shikha varshney ने कहा…

काम की जानकारी दी है.आभार.

mahendra verma ने कहा…

उपयोगी जानकारी प्रदान करने के लिए आभार।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अंतरयामी हैं आप ... ब्लॉगेर्स का दर्द समझ लिया ...

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं.

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

पहले वाली टिप्पणी में लिंक गलत जुड़ गया था:-अगर आप चाहे तो मेरे इस संकल्प को पूरा करने में अपना सहयोग कर सकते हैं. आप द्वारा दी दो आँखों से दो व्यक्तियों को रोशनी मिलती हैं. क्या आप किन्ही दो व्यक्तियों को रोशनी देना चाहेंगे? नेत्रदान आप करें और दूसरों को भी प्रेरित करें क्या है आपकी नेत्रदान पर विचारधारा?

इष्ट देव सांकृत्यायन ने कहा…

अच्छी जानकारी है.

veerubhai ने कहा…

भाई साहिब !आदाब !आपकी प्रेरणा का ही असर रहा मैं "टेक्नोलोजी फोबिया "से ग्रस्त प्राणि भी कोपी पेस्ट करना सीख गया .डरते डरते कर ही देता हूँ .कभी गलत कभी सही ।
आप बहुमूल्य जानकारी जुटा रहें हैं .आपका बहुत बहुत शुक्रिया !हिंदी भषा के प्रति यह अतिशय प्रेम तो आपका है ही .

Babli ने कहा…

बहुत ही बढ़िया, उपयोगी और ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई! धन्यवाद!

Amrita Tanmay ने कहा…

सार्थक पोस्ट ..शुभकामनायें

Vikas Gupta ने कहा…

सार्थक जानकारी

MANU PRAKASH TYAGI ने कहा…

बढिया जानकारी । आज इस विषय को ढूंढते हुए मिली

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आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं के लिये धन्यवाद...

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