7.4.11

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनयुद्ध

जागो देशवासियों...
अभी नहीं तो कभी नहीं.
        
          देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये एक ऐसे कठोर कानून की आवश्यकता है जो कम से कम समय में भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल सके । अतः देश में जनलोकपाल लागू होना चाहिये । यह जनता के लिये जनता के द्वारा बनाया गया कानून है । इस कानून के लागू होने से देश में निश्चित रुप से भ्रष्टाचार कम होगा, समय पर न्याय मिल सकेगा, लूटा गया धन वापस मिल सकेगा, देश में अमन चैन कायम होगा, मिलावटखोरी बंद होगी, नक्सलवाद, माओवाद, आतंकवाद खत्म होगा, देश में बडे-बूढे, बच्चे जवान, स्त्री-पुरुष निर्भय होकर जी सकेंगे ।



          जन लोकपाल को सरकार द्वारा लागू करवाने के लिये श्री अन्ना हजारे ने एक जनआन्दोलन की शुरुआत की है । श्री अन्ना ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहनसिंह को अल्टीमेटम दिया है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून "जन लोकपाल बिल" लागू करें । इसके कानून के अनुसार भ्रष्टाचार करने पर किसी भी व्यक्ति को जल्द और सख्त सजा हो सकेगी ।


जन लोकपाल बिल क्या है ?

          जस्टिस संतोष हेगडे, प्रशांत भूषण, अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी व अन्य प्रबुद्ध व्यक्तियों द्वारा बनाया गया यह विधेयक जनता के द्वारा वेबसाईट पर दी गई प्रतिक्रिया  और  जनता के साथ विचार विमर्श के बाद विधि-विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है ।  इस बिल को शांति भूषण,  जे. एम. लिंगदाह, अन्ना हजारे, श्री श्री रविशंकर, बाबा रामदेव, महमूद मदानी, आर्क बिशप विन्सेन्ट एम. कान्सेसाओ, सैयद रिजवी, जस्टिस डी. एस. तेवटिया, प्रदीप गुप्ता, कमलकान्त जायसवाल, सुनिता गोदारा, सैय्यद शाह, फजलुर्रहमान वाईजी आदि का समर्थन प्राप्त है । इस बिल की प्रति प्रधानमंत्री एवं सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भैजी गयी थी, जिसका उन्होंने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है । 


इस कानून में क्या है ?
 
          1.  इस कानून के अन्तर्गत केन्द्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त का गठन होगा ।


          2. ये संस्था निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट की तरह सरकार से स्वतंत्र होगी । कोई भी नेता या सरकारी अधिकारी जांच की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं कर पाएगा ।



          3. भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कई सालों तक मुकदमे लंबित नहीं रहेंगे । किसी भी मुकदमे की जांच एक साल के भीतर पूरी होगी । ट्रायल अगले एक साल में पूरा होगा और भ्रष्ट नेता, अधिकारी या जज को दो साल के भीतर जेल भेजा जावेगा ।


          4. अपराध सिद्ध होने पर भ्रष्टाचारियों के द्वारा सरकार को हुए घाटे को वसूल किया जावेगा ।


          5. ये आम आदमी की कैसे मदद करेगा ?

 
                   यदि किसी नागरिक का काम तय समय सीमा में नहीं होता तो लोकपाल दोषी अफसर  पर जुर्माना लगाएगा और वह मुआवजा शिकायतकर्ता को मुआवजे के रुप में मिलेगा ।


          6. अगर आपका राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट आदि तय समय सीमा के अन्दर नहीं बनते हैं, या  पुलिस आपकी शिकायत दर्ज नहीं करती तो आप इसकी शिकायत लोकपाल से कर सकते हैं और उसे यह काम एक महिने के भीतर करवाना होगा । आप किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की शिकायत लोकपाल से कर सकते हैं जैसे- सरकारी राशन की कालाबाजारी, सडक बनाने में गुणवत्ता की अनदेखी, पंचायत निधि का दुरुपयोग, लोकपाल को इसकी जांच एक साल के भीतर करनी होगी ।

          7. क्या सरकार भ्रष्ट और कमजोर लोगों को लोकपाल का सदस्य नहीं बनाना चाहेगी ?

        
           ये मुमकिन नहीं है क्योंकि लोकपाल के सदस्यों का चयन जजों, नागरिकों और संवैधानिक संस्थानों द्वारा किया जावेगा न कि नेताओं द्वारा । इनकी नियुक्ति पारदर्शी तरीके से और जनता की भागीदारी से होगी ।

          8. अगर लोकपाल में काम करने वाले अधिकारी भ्रष्ट पाये गये तो ?

 
                   लोकपाल / लोकायुक्तों का कामकाज पूरी तरह से पारदर्शी होगा । लोकपाल के किसी भी क्रमचारी के खिलाफ शिकायत आने पर उसकी जांच अधिकतम दो महिने में पूरी कर उसे बर्खास्त कर दिया जावेगा ।


          9. मौजूदा भ्रष्टाचार निरोधक संस्थानों का क्या होगा ?

 
                  सीवीसी, विजिलेंस विभाग, सी बी आई की भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को लोकपाल में विलय कर दिया जाएगा. लोकपाल को किसी जज, नेता या अफसर के खिलाफ जांच करने व मुकदमा चलाने के लिये पूर्ण शक्ति और व्यवस्था भी होगी.



 

क्या भ्रष्टाचार का खात्मा संभव है ?
        सत्तर के दशक में हांगकांग में भ्रष्ट माफिया, नेता और पुलिस में गठजोड हो जाने से भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुँच गया था, जिसके विरुद्ध लाखों आमजन सडकों पर आ गये थे । आखिरकार सरकार को जनशक्ति के आगे झुकते हुए स्वतंत्र भ्रष्टाचार विरोधी आयोग ( I.C.A.C.)  का गठन करना पडा जिसने सीधी कार्य़वाही करते हुए 160 में से 120 भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया । यह सीधा सन्देश एक मिसाल बन गया और आज हांगकांग का विकास और भ्रष्टाचार की न्यूनता हमारे लिये अनुकरणीय है । 


आपके जन-समर्थन से भ्रष्टाचार का खात्मा भारत में भी संभव है ।

जन लोकपाल कानून आने से भ्रष्टाचारियों के मन में डर पैदा होगा.
 
          विनीत :  भारत स्वाभिमान ट्रस्ट,  आर्ट आफ लिविंग,  भारतीय राष्ट्रवादी समानता पार्टी,  अभ्यास मंडल,  अन्य अनेक सामाजिक संगठन  और  प्रबुद्ध नागरिक ।



अपनी बात-
 
              उपरोक्त बिल में कहीं ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता जो किसी भी प्रकार से सरकार के कामकाज में बाधक बने ।  

 फिलहाल तो 
          सरकार जनता की दौलत लूट रही है । देश में जेबकटों के लिये कानून है किन्तु उन भ्रष्ट लोगों के लिये नहीं जो जनता के धन से अपनी जेबें भर रहे हैं ।                               -किरण बेदी.

          शरद पंवार जो खुद कई घोटालों में शामिल हैं वे मंत्रियों के उस समूह का नेत्रत्व कर रहे हैं जो लोकपाल बिल के मसौदे में फेरबदल पर विचार कर रहा है । इस समूह में कपिल सिब्बल भी हैं जिन्हें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कोई घोटाला नजर नहीं आता ।                                  -अरविन्द केजरीवाल.
 
स्वाभाविक है कि ये नेता इस कानून को अपनी ओर से कभी भी लागू नहीं होने देंगे ।

               देश की जनता को सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह से ही जवाबदेही तय करनी चाहिये । वे ही देश को ये जवाब दें कि ये कानून कब तक लागू किया जा रहा है । और यदि इसे हम लागू नहीं कर पा रहे हैं तो उसकी राह में वास्तविक रुकावटें क्या आ रही हैं ?

28 टिप्पणियाँ:

Udan Tashtari ने कहा…

पूरा देश अन्ना के साथ है.

खुशदीप सहगल ने कहा…

अन्ना की लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं सिस्टम से है...

सिस्टम जो भ्रष्टाचार को दीमक की तरह देश को खाने का मौका देता है...

अब बस चाहिए एक ऐसी तलवार (जन लोकपाल) जो भ्रष्टाचार को जहां कहीं भी देखे, उसका सिर कलम कर दे...

जय हिंद...

ajit gupta ने कहा…

सारे नौकरशाह और राजनेता कानून की परिधि में आने चाहिएं और सख्‍त लोकपाल विधेयक बनना चाहिए।

: केवल राम : ने कहा…

अन्ना हजारे जैसे व्यक्ति के साथ कोई एक नहीं बल्कि हर वह भारतीय है जो इस देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने को तत्पर है

शिवकुमार ( शिवा) ने कहा…

हम अन्ना के साथ हैं, आखिर हमें भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था चाहिये।

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

भेड़िय़ॉं के झुंड़ में
दो दिनों से बहुत खलबली है।

एक गाय नें अपने सींग में
शमशान की राख मली है।

यादें ने कहा…

लोकपाल बिल क्या है ?इसकी जानकारी देने के लिए ! और अपने सहयोग के लिए !
मेरा धन्यावाद और शुभकामनाएँ
स्वीकार करें !
अशोक सलूजा !

दीपक बाबा ने कहा…

सुशिल जी, लोकपाल बिल पर जानकारी देने के लिए आभार.....

क्रांतियां गाँव दिहात की गलियों से होती हुई राजधानियों में व्यक्त होती है.....

संध्या शर्मा ने कहा…

अन्ना हजारे की आवाज हर भारतवासी की आवाज है...

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

अन्ना जी का आन्दोलन हर आम भारतीय का आन्दोलन है .....

हम सब उनके साथ हैं..

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना है तो यह सब करना पड़ेगा।

Gaurtalab ने कहा…

ब्लॉग की दुनिया में अभी हम नए हैं, आपके सहयोग और शुभ कामनाओ से कुछ बेहतर कर पाने की चाहत है. आपके मूल्यवान, उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए कोटिशः धन्यवाद् !

कुमार राधारमण ने कहा…

बूढ़े ही इस देश को नेतृत्व देते रहे हैं। युवाओं के बढ़-चढ़कर समर्थन देने का यही वक्त है।

मदन शर्मा ने कहा…

अन्ना जी का आन्दोलन हर आम भारतीय का आन्दोलन है .....

हम सब उनके साथ हैं..

Sandeep kumar ने कहा…

प्रिय सुशिल जी
अन्ना जी की आवाज हम सभी की आवाज है और पीछे हटने की तो कोई बात ही नही बनता |
जय हिंद | जय भारत |

Vivek Jain ने कहा…

अन्ना जी! भले ही आपके इरादे नेक हैं पर जब आम हिंदुस्तानी ही चोर और भ्रष्ट है तो फिर भ्र्ष्टाचार तो भारत से जाने वाला नहीं । देश में २२% लोग दुकानदारी से होने वाली आय पर जीते हैं। पर ५००दुकानदार भी टैक्स नहीं देते। ६% लोग बड़े किसान हैं,टैक्स मुक्त आय! जाति के नाम पर वोट देने वाली जनता केवल अन्ना हजारे के आंदोलनों पर ताली बजाती है,और फिर खुद भ्र्ष्टाचार में डूब जाती है। चोरों के इस देश में लोकपाल भी भ्रष्ट ही आयेगा........
दोस्तों मुझे पता है कि मेरी बात आपको अ‍च्छी नहीं लगेगी,पर अपने गिरेबान में देखें, कब आपने बिजली की चोरी की,कब ट्रेन में टी.टी. को रिश्वत दी,कब अपने बच्चों के एडमिशन के लिये रिश्वत दी,आप अपनी सुविधा के लिये रिश्वत देते हैं। याद रखिये,जबतकआप भ्रष्ट हैं,भारत से भ्र्ष्टाचार नहीं जाने वाला! केवल एक और भ्रष्ट लोक्पाल टैक्स देने वालों के पैसे से तनख्वाह लेने लगेगा।

विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

हर वो भारतवासी जो भी भ्रष्टाचार से दुखी है, वो देश की आन-बान-शान के लिए समाजसेवी श्री अन्ना हजारे की मांग "जन लोकपाल बिल" का समर्थन करने हेतु 022-61550789 पर स्वंय भी मिस्ड कॉल करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. यह श्री हजारे की लड़ाई नहीं है बल्कि हर उस नागरिक की लड़ाई है जिसने भारत माता की धरती पर जन्म लिया है.पत्रकार-रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा"

Apanatva ने कहा…

hum sab Anna jee ke sath hai unke ise aandolan me.........
par vivek ke vicharo se bhee mai sahmat hoo........
apna kam jaldee karvane hetu ya kabhee kanoon se bachane ke liye rishvat dene se baaj nahee aate.....grass root par bhee jagrukata lanee jarooree hai

Patali-The-Village ने कहा…

अन्ना जी का आन्दोलन हर आम भारतीय का आन्दोलन है|

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत विस्तार से आपने जानकारी प्रदान की है । आभार ।
शुक्र है किसी ने तो आवाज़ उठाई । अन्ना के ज़ज़्बे को सलाम ।

Rajesh R. Singh ने कहा…

होश में आओ, सत्ता के शैतानों , अन्ना का कहना मानो

सतीश सक्सेना ने कहा…

बहुत खूब, बधाई अच्छी रिपोर्ट के लिए !शुभकामनायें आपको !

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

हम तो दैनिक कार्यक्रम बना चुके हैं.. घर वापसी वाया जंतर मंतर!!

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

इस महत्वपूर्ण प्रस्तुति के लिए आपको हार्दिक आभार।

vishwajeetsingh ने कहा…

भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए कठोर जनलोकपाल विधेयक आज की आवश्यकता हैं । अन्ना हजारे जी के इस पवित्र आन्दोलन में हम सभी साथ हैं ।
www.vishwajeetsingh1008.blogspot.com

Surendrashukla" Bhramar" ने कहा…

भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए कठोर लोकपाल विधेयक शीघ्र बनना चाहिए और मानसून सत्र में पास कराया जाना चाहिए प्रधानमंत्री सीधे इस में जबाबदेह बनें और बड़े से छोटे अधिकारी मंत्री तंत्री सब ,यहाँ तक की न्याय व्यवस्था भी इसके अंतर्गत आये ,-लेकिन सब से जरुरी है इस कानून का अमल में लाना, और ये तभी संभव होगा जब शुरुआत हम खुद से करें, अपने घर से करें ,दिया हमारे सब के अपने घर से जले ,हम शुद्ध मानसिकता से भ्रष्टाचार की मुक्ति में शरीक हों और हर कदम पर इसे लागू करने की भरसक कोशिश करें शीघ्रता न करें और थोडा अपना नुकसान अगर होता है तो धैर्य से सहें
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर५

Ravi kumar mahajan ने कहा…

आप के आन्दोलन से दिल बहुँत मजबूत हुआ सारा डर निकल गया भ्रष्ट अधिकारीयो के खिलाफ बोलने की ताकत आ गई! आपने पडोस या जानकार अगर भ्रष्ट है तो उसके खिलाफ कार्य वाही करनी चाहीये!

ये सोचना के उस के बीबी और बाल हे तो क्या वह एसा दुसरे के िलऐ सोचता हे

Ravi kumar mahajan ने कहा…

thanks

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आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं के लिये धन्यवाद...

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