29.1.11

आज का दिन हो गया विशेष...

      हमारे इस ब्लाग नजरिया के लिये आज विशेष महत्वपू्र्ण  व  शायद किसी सीमा तक गौरवपूर्ण दिन माना जा सकता है । गणतंत्र दिवस पर 26-1-2011 को प्रकाशित इस ब्लाग के आलेख सारे जहाँ से अच्छा...? ? ? के विचारों का विशेष उल्लेख इस आलेख के साथ ही राष्ट्रीय दैनिक जागरण में फिर से... शीर्षक के अन्तर्गत 27-1-2011 के संस्करण में  पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुआ है ।

         नीचे इस समाचार की कतरन के साथ ही मूल समाचार पत्र की लिंक यहाँ प्रस्तुत की गई है । आप माऊस क्लिक की मदद से चटका लगाकर दोनों रुपों में इसे यहाँ पढ सकते हैं- 
  
         निःसंदेह मेरे लिये ये विशेष महत्वपूर्ण बात इसलिये भी लगती है कि न तो मैं कोई लेखक रहा हूँ, ना ही पत्रकार, और ना ही कोई विधिक या साहित्यिक विचारक की किसी पृष्ठभूमि से संबद्ध ही रहा हूँ । लेकिन एक सामान्य नागरिक की आवाज का प्रतिनिधित्व मेरे द्वारा अपनी सामान्य भाषा, विचार व लेखन शैली  के रुप में यहाँ प्रस्तुत होता रहा है, और इस माध्यम से किसी अ-उल्लेखनीय नागरिक की ये सार्वजनिक सोच जो उसके अंतर्मन से इस लेखन के द्वारा निकले और राष्ट्रीय स्तर पर उसके चर्चे होने के साथ ही वो विचार शेष दुनिया में भी फैल जावे, ये चमत्कार ब्लाग्स के इस सशक्त माध्यम से ही सम्भव हो सकता था. अतः ब्लाग माध्यम की इस सशक्तता को मैं बारम्बार नमन करता हूँ । 

       आप सभी के अमूल्य सहयोग हेतु पुनः अनेकों धन्यवाद ...  

        आपके समर्थन की विशेष कामनाओं सहित... 



37 टिप्पणियाँ:

वाणी गीत ने कहा…

बहुत बधाई !

सतीश सक्सेना ने कहा…

अच्छे लेखन को किसी सर्टिफिकेट का मुहताज नहीं होना पड़ता ! देर सबेर लोग उसे पहचान ही लेते हैं ! शुभकामनायें !

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

बहुत बहुत बधाई!!!

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत बहुत बधाई!

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बधाई!

सुज्ञ ने कहा…

बधाई स्वीकार करें सुशील जी,

खुशदीप सहगल ने कहा…

बाकलीवाल जी,
आपकी लेखनी इसी तरह सफलता के सोपान चढ़ती हुई शिखर को चूमे...बहुत बहुत बधाई...

जय हिंद...

Suman ने कहा…

bahut bahut badhai sir.....apeke blog par pahli baar ana huva.....

-सर्जना शर्मा- ने कहा…

बाकलीवाल जी को बधाई

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ सुश्री वाणी गीतजी,
@ भाई श्री सतीश सक्सेनाजी,
@ आ. श्री दिनेशरायजी द्विवेदी सा.,
@ Patali-The-Village
आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद. आभार...

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ गुरुदेव श्री समीरलालजी समीर सा.,
@ श्री सुज्ञजी सा.,
@ स्नेहिल भाई श्री खुशदीपजी सहगल सा.,
@ सुश्री सुमनजी,
@ सुश्री, सर्जना शर्माजी,

आपकी स्नेहिल शुभकामनाएँ इस उत्साहवर्द्धन हेतु बेशकीमती हैं । धन्यवाद... आभार....

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

सुशिल जी ,एक सामान्य व्यक्ति के लिए यह नजराना काबिले- तारीफ़ हे ; मै आपको और आपकी लेखनी को तहे दिल से मुबारकबाद देती हु | बधाई हो !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत बहुत बधाई आपको।

Shah Nawaz ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई!

amit-nivedita ने कहा…

बहुत बहुत बधाई सर...

: केवल राम : ने कहा…

मेरे ब्लॉग पर आकर उत्साह वर्धन के लिए आपका शुक्रिया .....यह भी संयोग है आपने मुझे फोलो किया तो मेरे फोलोवर 64 हो गए और मैंने आपको फोलो किया तो आपके फोलोवर भी 64 क्या बात है ...

बाकि रेंकिंग भी बराबर है 74/18...साथ हाथ बढ़ाना ...मिल कर चलना

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ सुश्री दर्शनकौर धनोएजी,
@ श्री प्रवीण पांडेयजी,
@ श्री शाह नवाजजी,
@ श्री अमित जी.

उत्साहवर्द्धन के लिये आप सभी का आभार... दिल से... धन्यवाद सहित....

sada ने कहा…

मेरे ब्‍लाग पर आपके प्रथम आगमन का स्‍वागत है ...आपको इस उपलब्धि पर बहुत-बहुत बधाई

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ मित्रवर श्री केवलरामजी,
धन्यवाद आपको हर तरह से हौसला-आफजाई करने के लिये.

जिन संयोगों की चर्चा आप कर रहे हैं उन्हें मैंने भी आपके ब्लाग पर विशेष रुप से नोट किया था । है ना दिलचस्प संयोग.

शायद इसी को कहते होंगे- दिल से दिल को राहत. शुक्रिया...


@ भाई श्री जाकिर अली 'रजनीशजी'
विशेष आभार, समर्थन प्रदान करने के लिये... Thank you.

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

बहुत बधाई आपको

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…

बधाई बाकलीवाल जी !

Deepak Saini ने कहा…

बधाई
बहुत बहुत बधाई

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ सुश्री सदा जी,
आपके ब्लाग सदा पर तो पहले भी कई बार जाना हुआ है किन्तु सद्विचार पर पहली बार ही जाना हो पाया है । आभार आपकी बधाई के लिये...

@ Er. सत्यम शिवमजी,
@ श्री पी.सी.गोदियाल "परचेत" सा.
@ Shri Deepak Saini Sir,

आभार आपका बधाई व शुभकामनाओं के लिये. धन्यवाद...

क्रिएटिव मंच-Creative Manch ने कहा…

अच्छे लेखन को किसी प्रमाण-पत्र की जरूरत नहीं.
बहुत बहुत बधाई

हार्दिक शुभ कामनाएं !!!

मनोज कुमार ने कहा…

बधाई, जी बधाई।
आप अच्छा लिखते हैं तो चर्चा तो होगी ही।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सार्थक लेखन के लिए बधाई सुशील जी ।

हरीश जोशी ने कहा…

नमस्कार........आपकी रचना वाकई तारीफ के काबिल है
मैं ब्लॉग जगत में नया हूँ, कृपया मेरा मार्गदर्शन करें......

http://harish-joshi.blogspot.com/

आभार.

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

बहुत बधाई
इसी बहाने उस पोस्ट पर भी नजर दौड़ाई
जहाँ लिखी है आपने
सच्चाई।

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ क्रिएटिव मंच-Creative Manch
शुभकामनाओं के लिये धन्यवाद आपको.

@ श्री मनोज कुमारजी सा.,
धन्यवाद जी धन्यवाद, प्रेरणा बनी रहे. आभार आपका...

@ डा. श्री टी. एस. दराल सरजी,
इस बधाई के लिये धन्यवाद सर. आभार आपका...

@ श्री हरीशजी जोशी सा.,
प्रथम आगमन पर स्वागत आपका. जो सेवा सम्भव हो सकेगी अवश्य उपलब्ध करवाई जा सकेगी । धन्यवाद...

@ श्री देवेन्द्रजी पांडेय साहेब,
इस बधाई हेतु आभार आपका । सच्चाई वाली पोस्ट कल ही की बात हो रही है या और भी पिछली किसी पोस्ट पर. उम्मीद है पसन्द भी आई होगी । पुनः धन्यवाद...

प्रेम सरोवर ने कहा…

आपका पोस्ट अच्छा लगा।आपका लेखन शैली भी मां सरस्वती के वरदान के रूप में मिला है। आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं,सादर।

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ श्री प्रेम सरोवर साहब,
आभार आपका, आपको अपने साथ देखना बहुत अच्छा लगा । पुनः धन्यवाद...

mahendra verma ने कहा…

हमें भी खुशी है कि आपका लेख समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ।
इसी तरह निरुतर लिखते रहने के लिए शुभकामनाएं।

आपकी इस उपलब्धि पर बहुत-बहुत बधाई।

ANAL KUMAR ने कहा…

सुशील जी, आपका आलेख इतना प्रासंगिक और तथ्यपरक है कि दैनिक जागरण ने उसे अपने पृष्ठों पर जगह दे कर अपने पाठकों के बीच ख़ुद को सामयिक बनाया है | दैनिक जागरण की इस पेशेवराना कार्यवाई का आपने जिस विनम्रता से जिक्र किया है, वह आपकी सदाशयता और आपके बड़प्पन का ही सुबूत है | आपके विचार और आपका ऐसा व्यवहार सचमुच प्रेरित करते हैं |

ZEAL ने कहा…

बहुत बहुत बधाई!

Harsh ने कहा…

bahut bdhaiya

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

@ Shri mahendra Vermaji,
@ Shri ANAL KUMARJI,
@ Dr. Divyaji ZEAL,
@ Shri Harsh ji,
आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद, उत्साह वर्द्धन के लिये...
पुनः धन्यवाद सहित...

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

आदरणीय सुशील बाकलीवाल जी
सादर अभिवादन !

हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !

आप कहते हैं - न तो मैं कोई लेखक रहा हूँ, ना ही पत्रकार, और ना ही कोई विधिक या साहित्यिक विचारक की किसी पृष्ठभूमि से संबद्ध ही रहा हूँ ।
यह तो आपका बड़प्पन है जी । कहा भी गया है -
रहिमन हीरा कब कहे लाख हमारा मोल

शुभकामनाओं सहित
- राजेन्द्र स्वर्णकार

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