14.2.17

सरकारी योजनाओं का सच...!


 
         एक रियल घटना पान की दुकान पर खडे एक 36-37 वर्षीय युवक से बातचीत के कुछ अंश...

          मैनें पूछा कुछ कमाते धमाते क्यों नहीं ?

          वह बोला--  क्यों ?😳

          मैं बोला--  शादी कर लो  ?

          वह बोला-- पहले ही हो गई ...😊

          मैं बोला--  कैसे  ?

          वह बोला--  मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से...😊

          मैं बोला--  फिर बाल-बच्चों के लिये कमाओ  ?

          वह बोला--  जननी सुरक्षा से डिलिवरी फ्री और साथ मे 1400 रू का चेक...😊

          मैं बोला--  बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिये कमाओ  ?

          वह बोला--  उनके लिये पढ़ाई, यूनिफार्म, किताबें और भोजन सब सरकार की तरफ़ से फ्री  ! साथ में लड़का कॉलेज जा रहा है, BPL होने की वजह से उसे स्कॉलरशिप भी मिलती है,  हम उस से ऐश करते हैं ।

          मैं बोला-- यार घर कैसे चलाते हो  ?
 
        वह बोला- छोटी लड़की को सरकार से साईकिल मिली है, लड़के को लेपटॉप मिला है । माँ-बाप को वृद्धावस्था पेन्शन मिलती है, और 1 रूपये किलो गेहूं और चावल भी तो मिलता है ।

          मैं झुंझला कर बोला-  यार माँ-बाप को तीर्थयात्रा के लिये तो कमाओ  ?

          वह बोला-  दो धाम करवा दिये हैं, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा से...😊

          मुझे गुस्सा आया और मैं बोला--
 
          माॅ बाप के मरने के बाद उनके क्रिया-कर्म के लिये तो  कमा  ?

          वह बोला--  1 रू में विद्युत शवदाह गृह है !😊

          मैंने कहा--  अपने बच्चों की शादी के लिये तो कमा..?

          वह मुस्कुराया और बोला-- फिर वहीं आ गये... वैसे ही होगी जैसे मेरी हुई थी !😀

          यार एक बात बता ये- इतने अच्छे कपड़े तू कैसे पहनता है ?

          वह बोला-- राज की बात है.. फिर भी मैं बता देता हूँ...😊

          "सरकारी जमीन पर कब्जा करो, आवास योजना मे लोन लो और फिर औने-पौने में मकान बेच कर फिर से जमीन कब्जा कर पट्टा ले लो !"😜
 
          तुम जैसे लाखों लोग काम करके हमारे लिए टैक्स भर ही रहे हैं ।  किसान भी मेहनत से खेती करके अनाज पैदा करता है और सरकार उनसे लेकर हमें मुफ़्त भी देती है, तो फिर हम काम क्यों करें ।
 
          बस यही है बेसहारा कहे जाने वाले निम्न वर्ग के लिये सरकारी रियायती योजनाओं का सच...! 
 
सोर्स : What'sApp.
 
 

3 टिप्पणियाँ:

GathaEditor Onlinegatha ने कहा…

We are self publishing company, we provide all type of self publishing,prinitng and marketing services, if you are interested in book publishing please send your abstract

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "१४ फरवरी, मधुबाला और ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बढ़िया।

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं के लिये धन्यवाद...

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...