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10.1.20

रुक जाना नहीं, तू कहीं हार के...


           एक उद्योगपति किसी अर्जेंट मिटिगं में भाग लेने जा रहे थे । राह में भयंकर तूफ़ान आया, ड्राइवर ने उनसे पूछा - अब हम क्या करें ?
            
       उद्योगपति ने  जवाब दिया - गाडी चलाते रहो ।

            तूफ़ान में गाडी चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा था व  तूफ़ान और भी भयंकर होता जा रहा था अतः ड्राइवर ने फिर पूछा- अब मैं क्या करू

            गाडी चलाते रहो - उद्योगपति ने पुनः कहा ।

            थोड़ा आगे जाने पर ड्राइवर ने देखा की राह में कई वाहन तूफ़ान की वजह से रुके हुए थे... उसने फिर उद्योगपति से कहा - मुझे गाडी रोक देनी चाहिए...  मैं मुश्किल से देख पा रहा हूं । यह भयंकर स्थिति है, और प्रत्येक चालक ने अपना वाहन रोक दिया है...

            इस बार उद्योगपति ने फिर निर्देशित किया - लेकिन तुम गाडी रोकना नहीं । धीरे चले तो धीरे ही सही, किंतु चलाते रहो....

     तूफ़ान ने बहुत ही भयंकर रूप धारण कर लिया था, किन्तु ड्राइवर ने निर्देसानुसार गाडी चलाना नहीं छोड़ा, और अचानक ही उसने देखा कि कुछ-कुछ साफ़ दिखने लगा है...! चंद किलोमीटर आगे जाने के पश्चात ड्राइवर ने देखा कि तूफ़ान थम गया है और सूरज दिख रहा है ।

            तब उद्योगपति ने कहा - अब तुम गाडी रोककर बाहर आ सकते हो...!  चालक ने आश्चर्य से पूछा - पर अब क्यों ?

            उद्योगपति ने कहा - जब तुम बाहर आओगे तो देखोगे कि जो राह में रुक गए थे, वे अभी भी तूफ़ान में ही फंसे हुए हैं । किंतु तुमने गाडी  चलाने का प्रयत्न नहीं छोड़ा, तो तुम अब तूफ़ान के बाहर हो ।

            यह किस्सा उन लोगों के लिए एक प्रमाण भी है जो कठिन समय से गुजर रहे हैं । मजबूत से मजबूत इंसान भी प्रयास छोड़ देते हैं, जबकि प्रयास कभी छोड़ना नहीं चाहिए ।

            निश्चित ही जिन्दगी के कठिन समय गुजर जायेंगे और सुबह के सूरज की भांति चमक आपके जीवन में पुनः आयेगी !  ऐसा नहीं है की जिंदगी बहुत छोटी है, दरअसल हम जीना ही देर से शुरू करते हैं !

            कोहरे व तूफान से हमेशा एक अच्छी बात सीखने को मिलती है कि जीवन में जब भी रास्ता न दिख रहा हो तो बहुत दूर तक देखने की कोशिश व्यर्थ है, एक एक कदम चलते चलो, रास्ता खुलता जाएगा...!

            हौसला कायम रखना... अगर नाकामियां चरम पे हैंतो कामयाबी बेहद करीब होती है..!

            प्रायः कठिन समय में स्वयं को दिलासा दिलाने के हमारे आसान बहाने ये हो जाते हैं-

             1.  मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नही मिला.     जबकि...
               
उचित शिक्षा का  अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।

            2. 
मै इतनी बार हार चूका, अब हिम्मत नही.    जबकि... 
               अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने ।

            3. 
मै अत्यंत गरीब घर से हूँ.     जबकि...
              पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी गरीब घर से थे ।

            4. 
बचपन से ही अस्वस्थ था.     जबकि...
               ऑस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी ।

            5.  
मैने साइकिल पर घूमकर आधी ज़िंदगी गुजारी है.     जबकि...
                निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल पर निरमा बेचकर आधी ज़िंदगी गुजारी ।

           6.  
एक दुर्घटना मे अपाहिज होने के बाद मेरी हिम्मत चली गयी...जबकि...
               प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।

            7.  मुझे बचपन से मंद बुद्धि कहा जाता है.      जबकि...
               थामस अल्वा एडीसन को भी बचपन से मंदबुद्धि कहा जता था ।

            
8.   बचपन मे ही मेरे पिता का देहाँत हो गया था.     जबकि...
             
प्रख्यात संगीतकार ए.आर.रहमान के पिता का भी देहांत बचपन मे हो गया था ।

            
9.  मुझे बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी.     जबकि...
              
लता मंगेशकर को भी बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी थी।

            
10. मेरी लंबाई बहुत कम है.     जबकि...
                
सचिन तेंदुलकर की भी लंबाई कम है।

            
11.  मै एक छोटी सी नौकरी करता हूँ, इससे क्या होगा.    जबकि...
                
धीरुभाई अंबानी भी छोटी नौकरी करते थे ।

            12. मेरी कम्पनी एक बार दिवालिया हो चुकी है, अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा.     जबकि...
            
दुनिया की सबसे बङी शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी दो बार दिवालिया हो चुकी है ।

           
13.  मेरा दो बार नर्वस ब्रेकडाउन हो चुका है, अब क्या कर पाउँगा.     जबकि...
               
डिज्नीलैंड बनाने के पहले वाल्ट डिज्नी का तीन बार नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था ।

            
14.  मेरी उम्र बहुत ज्यादा है.      जबकि...
                विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन के मालिक ने 60 साल की उम्र मे पहला रेस्तरा खोला था ।

            
15.  मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है पर लोग अस्वीकार कर देते है.      जबकि...
            
जेराँक्स फोटो कापी मशीन के आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने अस्वीकार किया था पर आज परिणाम सामने है ।

            
16.   मेरे पास धन नही.      जबकि...
                 
इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे ।

           
17.   मुझे ढेरो बीमारियां है.     जबकि...
               
वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी अनेको बीमारियो मे थे । राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर काम नही करते थे ।

           
तात्पर्य यह कि - आज आप जहाँ भी है, या कल जहाँ भी होगे, इसके लिए आप किसी और को जिम्मेदार नही ठहरा सकते ।

            इसलिए चुनाव आज ही कीजिये- 
                           सफलता और सपने चाहिए या खोखले बहाने...

भाग्य को या किसी और को दोष क्यों देना ?
यदि सपने हमारे हैं तो,
प्रयास भी हमारे ही होने चाहिये ।

30.3.18

खुश रहना आसान भी है, कोशिश करके तो देखें...

सफलता = खुशी
           अधिकतर लोग ऐसा ही समझते हैं, लेकिन वो ग़लत हैं । खुशी का विज्ञान हमें बताता है कि सही इसका उलटा है । यानि...

खुशी =  सफलता
          जबकि सफलता आपके हाथ में नहीं होती, पूरे प्रयास करने के बाद भी ये आपको मिल सकती है और नहीं भी मिल सकती । जबकि खुशी आपके हाथ में होती है । बस आस-पास थोड़ा ढ़ूंढने की कोशिश करनी होती है । छोटी छोटी बातों में आप खुशियां ढूंढने (या चुराने) का अभ्यस्त होना तो सीखिए, फिर देखिए आपका जीने का अंदाज़ ही बदल जाएगा ।

           ये करना कितना आसान है जानिए हैप्पीनेस के प्रोफेसरडॉ ताल बेन शहर से...बेन शहर अमेरिका की प्रतिष्ठित हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं...उनका पॉजिटिव साइकोलॉजी का कोर्स छात्रों में कितना लोकप्रिय है, ये इसी से अंदाज़ लगा लीजिए कि हर सेमेस्टर में 1400 छात्र इसके लिए एनरोल करते हैं...हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के 20 फ़ीसदी ग्रेजुएट्स इसे इलेक्टिव कोर्स के तौर पर चुनते हैं...

           47 वर्षीय इस हैप्पीनेस गुरु के मुताबिक खुशी,  आत्मसम्मान और प्रेरणा पर केंद्रित क्लास छात्रों को जीवन अधिक आनंद के साथ जीने के लिए सक्षम करती है, बेन अपनी क्लास में छात्रों को 14 विशेष टिप्स पर फोकस करने के लिए कहते हैं । इससे ना सिर्फ उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार आता है बल्कि वो आसपास के लोगों में भी सकारात्मकता का संचार कर पाते हैं ।

           आपको वो 14 टिप बताने से पहले खुशी सिखाने वाले इस प्रोफेसर के बारे में कुछ और बातें भी बता दूं-

           -इस्राइली मूल के अमेरिकी नागरिक बेन कई बेस्टसेलर्स पुस्तकों के लेखक हैं । उनकी दो पुस्तकों  Happier (2007)  और Being Happy (2010)  दुनिया की 25 से ज़्यादा भाषाओं में अनुवादित हो चुकी हैं ।

           -उन्होंने हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी से ही मनोविज्ञान और दर्शनशास्त्र में ग्रेजुएशन करने के बाद ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर में पीएचडी कर रखी है ।

           -बेन को दुनिया भर में मोटिवेशनल लेक्चर के लिए आमंत्रित किया जाता है...वो लीडरशिप, शिक्षा, मूल्यों, खुशी, आत्म सम्मान, लक्ष्य निर्धारण, लचीलेपन, ऊर्जावान मस्तिष्क आदि विषयों पर समान अधिकार के साथ बोलते हैं ।

           -यू ट्यूब पर उनके मोटिवेशनल वीडियो भी दुनिया भर में देखे जाते हैं ।

          -2011 में बेन ने एंगस रिगवे के साथ पोटेंशियालाइफकी स्थापना की....इसका मकसद दुनिया को खुशहाली के विज्ञान से समृद्ध करना है.

 चलिए अब लौटते हैं हैप्पीनेस गुरु की 14 टिप्स पर-

1.  ईश्वर का आभार
           आपके पास जो कुछ भी है उसके लिए ईश्वर का आभार व्यक्त कीजिए...अपने जीवन की 10 उन चीज़ों को कागज़ पर लिखिए जो आपको खुशी देती हैं...सिर्फ अच्छी चीज़ों पर केंद्रित करें...

2.  30 मिनट का शारीरिक श्रम
           शारीरिक श्रम या व्यायाम का अभ्यास कीजिए...विशेषज्ञों का कहना है कि व्यायाम से मूड बेहतर होता है...30 मिनट का व्यायाम दु:ख और दबाव की सबसे अच्छी काट है...
 
3.  नाश्ता
           कुछ लोग समय की कमी या वजन बढ़ने की आशंका के चलते नाश्ता नहीं करते...अध्ययन से ये प्रमाणित हुआ है कि नाश्ता आपको ऊर्जा देता है जो आपके सोचने की शक्ति को बेहतर करता है और आपको सफलतापूर्वक अपनी गतिविधियों को संपन्न करने में सहायक होता है...

4.  मुखर होना
           आप जो चाहते हैं उसके लिए कहिए...आप जो सोचते हैं उसे कहिए...मुखर होना आपके आत्म-सम्मान को बेहतर करेगा...अलग थलग और ख़ामोश रहने से दुख और नाउम्मीदी बढ़ती है...

5.  अनुभवों पर निवेश
           अनुभवों पर धन खर्च करो...एक अध्ययन बताता है कि 75 फ़ीसदी लोग जब यात्रा, कोर्स या ट्रेनिंग पर अपने पैसे का निवेश करते हैं तो उन्हें खुशी महसूस होती है...बाक़ी सिर्फ 25 फ़ीसदी का मानना था कि जब वे चीज़ें खरीदते हैं तो उन्हें प्रसन्नता मिलती है.

6.  चुनौतियों का सामना करना सीखें
           अध्ययन बताते हैं कि जब आप किसी चीज़ को जितना आगे के लिए लटकाए रखते हैं उतना ही वो आपकी बेचैनी और तनाव को बढ़ाता है...हर हफ्ते कुछ कामों का लक्ष्य तय कर एक छोटी लिस्ट पर लिखिए और उन्हें यथाशक्ति पूरा करने की कोशिश कीजिए...

7.  खुशनुमा यादों को सहेजें
           अपने आसपास जीवन के सभी यादगार पलों को तस्वीरों,  संदेशों के माध्यम से सहेज कर रखिए...इन्हें कंप्यूटर, डेस्क, कमरे, फ्रिज आदि सभी जगह किया जा सकता है...खूबसूरत यादों से भरी ज़िंदगी...

8.  मुस्कान ही काफ़ी
           दूसरों का अभिवादन कीजिए...यथा संभव सभी से अच्छा बना रहने की कोशिश कीजिए...सिर्फ़ एक प्यारी सी मुस्कान से किसी का मूड बदला जा सकता है

9.  जूतों से मूड का नाता
           आरामदायक जूते पहनिए...अगर आपका पैर आपको तकलीफ़ देता है तो आप मूडी हो जाते हैं...ये कहना है अमेरिकी ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केंथ वापनर का...

10.  उठने-बैठने. चलने-फिरने का अंदाज़
           सीधा चलिए और अपने कंधों को थोड़ा पीछे की तरफ रखिए...ये आत्मविश्वास की पहचान है...शरीर को ढीला छोड़ कर रखने से आपको गंभीरता से लिए जाने की संभावना कम होती है...

11.  संगीत से आनंद
           ये साबित हुआ है कि संगीत सुनने से आप गाने के लिए प्रेरित होते हैं...ये आपको आनंदित करता है...

12.  खान-पान का असर
           अपने भोजन का नागा मत कीजिए...हर 3-4 घंटे बाद कुछ हल्का खाइए...अपने ग्लूकोज़ लेवल को स्थिर रखिए, ज़्यादा मैदा और चीनी से बचिए, जो भी चीज़ स्वास्थ्यवर्धक हैं उन्हें बदल बदल कर खाइए ।

13.  अपनी फ़िक़्र कीजिए और स्मार्ट दिखिए
           70  फ़ीसदी लोगों का मानना है कि वे जब समझते हैं कि आकर्षक दिख रहे हैं तो आनंदित अनुभव करते हैं....

14.  उत्साह के साथ आस्था
           भगवान में अगर आपका विश्वास है तो उसके बिना कुछ भी संभव नहीं है, अगर आप नास्तिक हैं तो अनास्था में भी एक तरह का आपका विश्वास ही होता है ।

अंत में सौ बातों की एक बात...
           खुशी एक रिमोट कंट्रोल की तरह है, जिसे हम अक्सर गुमा देते हैं, कई बार इसे ढूंढते-ढूंढते हम दीवानगी की हद तक पहुंच जाते हैं, बिना ये जानें कि हम उसी के ऊपर बैठे हुए हैं ।

It is very simple to be happy but it is very difficult to be simple...

        
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